बावन बुजुर्ग बल्ला में राजस्व कर्मियों पर मिलीभगत का आरोप, पीड़ित ने डीएम से लगाई न्याय की गुहार

बावन बुजुर्ग बल्ला में राजस्व कर्मियों पर मिलीभगत का आरोप, पीड़ित ने डीएम से लगाई न्याय की गुहार
बावन बुजुर्ग बल्ला में राजस्व कर्मियों पर मिलीभगत का आरोप, पीड़ित ने डीएम से लगाई न्याय की गुहार

ब्यूरो रिपोर्ट : राजन प्रजापति 

महराजगंज रायबरेली। क्षेत्र की ग्राम पंचायत बावन बुजुर्ग बल्ला में तैनात राजस्व कर्मियों की कार्यशैली एक बार फिर विवादों में आ गई है। गांव निवासी रामप्रताप यादव ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर लेखपाल एवं कानूनगो पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है। रामप्रताप यादव का आरोप है कि संबंधित लेखपाल कुछ लोगों से मिलीभगत कर उनकी भूमि पर अवैध निर्माण कराने का प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना है कि कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की जा रही है और लगातार भ्रामक रिपोर्ट लगाकर प्रकरण को प्रभावित किया जा रहा है। इससे उन्हें मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक रूप से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारी चकबंदी का हवाला देकर मामले को टाल रहे हैं तथा प्रभावशाली लोगों के पक्ष में कार्रवाई करते हुए केवल औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। उनका कहना है कि भूमि से जुड़े महत्वपूर्ण मामले में निष्पक्ष जांच के बजाय गलत तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट प्रस्तुत की जा रही है, जिससे न्याय मिलने में लगातार देरी हो रही है। रामप्रताप यादव ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह मुख्यमंत्री स्तर तक शिकायत कर न्याय की गुहार लगाएंगे। पीड़ित ने बताया इसी मामले में एक वर्ष पूर्व तहसील दिवस महराजगंज में मंडलायुक्त से शिकायत की थी। उस समय लेखपाल नागेंद्र सिंह के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की जांच जिलाधिकारी स्तर से कराई गई थी। जांच टीम ने लेखपाल की रिपोर्ट को भ्रामक पाया था, जिसके बाद तत्कालीन कार्रवाई के तहत लेखपाल नागेंद्र सिंह और कानूनगो राकेश कुमार को निलंबित कर दिया गया था। रामप्रताप यादव का कहना है कि एक वर्ष बीत जाने के बावजूद उन्हें अभी तक पूर्ण न्याय नहीं मिल सका है। उन्होंने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराकर स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है। अब देखना यह होगा कि जिलाधिकारी स्तर पर शिकायत के बाद राजस्व विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।