निजी संसाधनों से पार्क बनाकर मिसाल बने उमा शंकर यादव, बदहाल सामुदायिक शौचालय पर जताई चिंता
ब्यूरो रिपोर्ट : राजन प्रजापति
महराजगंज रायबरेली। गांव के विकास के प्रति समर्पण ही किसी जनप्रतिनिधि को लोगों का चहेता बनाता है। महराजगंज विकास खंड क्षेत्र के कुसुढी सागरपुर गांव के पूर्व प्रधान प्रतिनिधि उमा शंकर यादव ने अपने कार्यकाल में विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए गांव में कई सराहनीय पहल कीं, जिनकी आज भी ग्रामीण प्रशंसा कर रहे हैं। पूर्व प्रधान प्रतिनिधि उमा शंकर यादव ने बताया कि उन्होंने अपने निजी संसाधनों से गांव में एक सुंदर पार्क का निर्माण कराया था, ताकि ग्रामीणों को स्वच्छ वातावरण में टहलने और बच्चों को खेलने के लिए बेहतर स्थान मिल सके। गांव में स्थापित यह पार्क आज आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पार्क में इंटरलॉकिंग मार्ग, फलदार एवं छायादार वृक्ष, बच्चों के लिए झूले, ओपन जिम, खेलकूद के सामान, बैठने के लिए बेंच तथा ज्ञानवर्धक दीवारों का निर्माण कराया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि शहरों जैसी सुविधाएं गांव में उपलब्ध कराने की यह पहल बेहद सराहनीय रही। उमा शंकर यादव ने कहा कि उनका उद्देश्य गांव के लोगों को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना था, जिससे ग्रामीणों को गांव में ही बेहतर सुविधाएं मिल सकें। ग्रामीणों द्वारा इस प्रयास की लगातार सराहना की जा रही है। वहीं दूसरी ओर गांव में बने सामुदायिक शौचालय की स्थिति देखरेख के अभाव में बेहद खराब हो चुकी है। शौचालय परिसर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार प्रधान व संबंधित अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जबकि सरकार द्वारा सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों से सामुदायिक शौचालय की व्यवस्था जल्द दुरुस्त कराए जाने की मांग की है, ताकि लोगों को स्वच्छता संबंधी समस्याओं से राहत मिल सके।