मानदेय वृद्धि की मांग को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
ब्यूरो रिपोर्ट: राजन प्रजापति
रायबरेली। उत्तर प्रदेश आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने विकास भवन में धरना दिया। अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहीं इन कार्यकर्ताओं ने कहा कि एसआईआर जैसे गंभीर मामलों में भी दिन-रात मेहनत करने के बावजूद उनका मानदेय नहीं बढ़ाया गया है। यह स्थिति कार्यकर्ताओं में भारी असंतोष पैदा कर रही है। धरने पर बैठी कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि प्रशासन उनकी समस्याओं को समझेगा और उचित कार्रवाई करेगा।बढ़ती महंगाई में मात्र 6,000 रुपये के मानदेय पर परिवार का भरण-पोषण करना बेहद मुश्किल हो गया है। कार्यकर्ताओं ने बताया कि उनसे विभाग के सामान्य कार्यों के अतिरिक्त सोशल इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट (SIR) जैसे महत्वपूर्ण और गंभीर कार्य भी कराए जाते हैं। वे सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर सफल बनाने के लिए चौबीसों घंटे मेहनत करती हैं, लेकिन मानदेय बढ़ाने के नाम पर उन्हें केवल आश्वासन मिलते हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि फील्ड वर्क से लेकर डिजिटल डेटा एंट्री तक, उनके काम का बोझ लगातार बढ़ रहा है, जबकि उनकी आर्थिक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। जिलाध्यक्ष लीला पांडे ने चेतावनी दी, हम दिन-रात मेहनत करके सरकार की हर योजना को सफल बनाते हैं, लेकिन जब हमारे हक की बात आती है, तो प्रशासन आंखें मूंद लेता है। यह धरना सिर्फ सांकेतिक है यदि हमारी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन और उग्र होगा। इस मौके पर मुख्य रूप से अनूप कुमार मिश्रा, मीना सोनकर, अनीता, सरोज, किरण, प्रिया शुक्ला, रोहणी, सत्यवती सहित बड़ी संख्या में मौजूद रहे।