अनोखी पहल : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर की मुहिम का असर, बच्चों ने बना दिया कागज का पेन, बाद में अंकुरित होकर निकलेंगे पेड पौधे

अनोखी पहल : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर की मुहिम का असर, बच्चों ने बना दिया कागज का पेन, बाद में अंकुरित होकर निकलेंगे पेड पौधे

ब्यूरो रिपोर्ट : राजन प्रजापति

रायबरेली। (जागरण टाइम्स न्यूज़) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत की मुहिम का असर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। आपको बता दें लोग अपने-अपने हिसाब से अलग-अलग प्रयोग करके आत्मनिर्भर भारत की मुहिम से प्रधानमंत्री के आवाहन पर अनूठे प्रयोगों के साथ चल पड़े हैं।
रायबरेली जनपद के डलमऊ तहसील के अंतर्गत गदागंज में एक ऐसा ही अनूठा प्रयोग कॉमन सर्विस सेंटर स्किल डेवलपमेंट सेंटर चला रहे एसबी मौर्य ने कर दिखाया जो अपने सेंटर पर बच्चों के भविष्य बनाने के साथ ही प्रधानमंत्री के आवाहन पर समाज व वातावरण को भी स्वच्छ करने की दिशा में अनूठा प्रयोग है।
इस सेंटर पर आने वाले बच्चे अपना भविष्य तो संवार ही रहे हैं साथ ही आस-पास के वातावरण को भी स्वच्छ बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। बच्चे स्टेशनरी (रॉड पेन) में यूज होने वाली प्लास्टिक के प्रयोग को कम करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
इसमे बच्चों को खास कर दीपिका सिंह बच्चो का मनोबल बढ़ाने और उनको नई राह दिखाने में सबसे अहम योगदान दे रही है। 
जब बात की गई तब उन्होंने बताया कि वो कृषि से अपनी पढ़ाई पूरा करने के बाद प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत व महिलाओं को स्वरोजगार प्रदान करके उन सभी को सशक्त बनाने का प्रयास कर रही है 
बच्चे रद्दी पेपरों से राड पेन और पेंसिल तैयार कर रहे हैं इससे जहां एक ओर यह सस्ते दरों में उपलब्ध होंगी वहीं दूसरी ओर समाज को प्लास्टिक से भी छुटकारा दिलाएंगे। इतना ही नहीं पर्यावरण को स्वच्छ बनाने के लिए ये कागज की पेने स्याही समाप्त होने के बाद फेंकने पर इनसे बरगद पीपल पाकर जैसे वृक्ष उगेंगे। इससे जहां वृक्षारोपण पर सरकार करोड़ों का बजट खर्च करती है उसमें भी सहयोग मिलेगा। क्योंकि इन कागज के पेनो को बनाते समय इनमें इन वृक्षों के बीच डाल दिए जाते हैं जो रिफिल समाप्त होने के बाद फेंकने पर वह मिट्टी के सम्पर्क में आने के बाद इनमे पड़े बीज अंकुरित होकर पौधे के रूप में उग आते हैं।