लखनऊ : 14 करोड़ लोगों को राशन मुहैया कराने की व्यवस्था में जुटी योगी सरकार, मिलेगा मुफ्त राशन ||Jagran times news||

लखनऊ : 14 करोड़ लोगों को राशन मुहैया कराने की व्यवस्था में जुटी योगी सरकार, मिलेगा मुफ्त राशन ||Jagran times news||
Rajan prajapati ​​​
Jagran times news Bureau

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत पांच किलो खाद्यान्न उपलब्ध कराने की तैयारी में तेजी से जुट गई है। वैश्विक महामारी कोविड-19 की घातक लहर का सामना कर रहे गरीब परिवारों की भूख मिटाने की कवायद के तहत उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत पांच किलो खाद्यान्न उपलब्ध कराने की तैयारी में जुट गई है। आपको बता दें योजना के तहत देश भर में मई और जून में प्रति व्यक्ति 5 किलो अतिरिक्त अन्न (चावल/गेहूं) मुफ्त में दिया जाना है। इस योजना के तहत सूबे में साढ़े तीन करोड़ से अधिक राशनकार्ड धारकों पर साढ़े 14 करोड़ लोगों को प्रदेश सरकार मई और जून में प्रति व्यक्ति 5 किलो अतिरिक्त अन्न (चावल/गेहूं) मुफ्त में देगी। खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारी 14 करोड़ लोगों को राशन मुहैया कराने की व्यवस्था करने में जुट गए हैं। प्रदेश में तीन करोड़ 55 लाख राशन कार्ड धारक हैं और साढ़े 14 करोड़ लोगों को महीने में एक बार राशन बंटता है। प्रदेश का खाद्य विभाग साढ़े तीन करोड़ राशन कार्ड पर साढ़े 14 करोड़ लाभार्थियों को गेहूं दो रुपए किलो और चावल 3 रुपए किलो के सब्सिडाइज्ड रेट पर राशन देता है। प्रदेश की 80 हजार राशन की दुकानों के जरिए यह राशन हर महीने की 01 से 12 तारीख के बीच बांटा जाता है। इनके लिए साढ़े सात लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न का उठान हर महीने करना होता है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत बंटने वाले इस राशन को फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) के गोदामों से लेकर प्रदेश में मौजूद 80 हजार सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों के जरिए बांटा जाता है। प्रत्येक यूनिट पर तीन किलो गेहूं और दो किलो चावल वितरण के हर चक्र में मिलता है। हर महीने एक चक्र में यूपी में 75 लाख क्विंटल अनाज बांटा जाता है। प्रदेश की प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद वीना कुमारी मीना को पूरा भरोसा है कि कोरोना के इस संकट के बीच भी उनके विभाग के लोग सुरक्षित तरीके से लोगों को राशन मुहैया कराने में सफल होंगे। इसे लेकर उन्होंने जो रणनीति तैयार की है, उसके अनुसार हर राशन की दुकान पर एक नोडल अधिकारी की देखरेख में राशन वितरण का कार्य कोरोना प्रोटोकॉल के तहत किया जाएगा। जिसके तहत सभी राशन कार्ड धारकों को राशन मिलेगा और सुरक्षित तरीके से राशन मिलेगा। कहीं कोई भीड़ नहीं लगेगी और कोई हंगामा भी नहीं होगा क्योंकि हर राशन की दुकान पर पर्याप्त गेंहूं और चावल वितरित करने के लिए हो इसकी पुख्ता व्यवस्था कर ली गई हैं। राशन की दुकानों पर ई-पॉस मशीन से बायोमीट्रिक आथेन्टिफिकेशन के जरिए राशन बांटा जाएगा। बीते साल लॉकडाउन के दौरान इस तकनीक के जरिए ही राशन वितरित किया गया था। मई और जून में वितरित किए जाने वाले राशन की ऑनलाइन मॉनिटरिंग भी का जाएगी। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि राशन वितरण एवं सप्लाई चेन मैनेजमेंट पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड है। ई-पॉस मशीनें सॉफ्टवेयर के जरिए संचालित होती हैं। इसका बाकायदा एक डैशबोर्ड बना हुआ है। इसके जरिए राशन बांटने की पल-पल की खबर आती रहती है। इस डैशबोर्ड के जरिए यूपी की हर दुकान और एक-एक राशन कार्ड की पूरी सूचना देखी जा सकती है।